एस्ट्रोजन हार्मोन की महिलाओं के शरीर में भूमिका – Estrogen hormone role in women in hindi

0
34

एस्ट्रोजन जो की एक सेक्स हार्मोन के नाम से भी जाना जाता है पुरुषों और महिलाओं दोनों में पाया जाता है एस्ट्रोजन हार्मोन की भूमिका महिलाओं में अधिक होती है क्योंकि पुरुषों की तुलना में महिलाओं को एस्ट्रोजन की जरूरत अधिक होती है महिलाओं को अपने शरीर के आंतरिक कार्यों और विकास के लिए एस्ट्रोजन हार्मोन आवश्यक होता है एस्ट्रोजन हार्मोन महिलाओं के शारीरिक बदलाव में बड़ी भूमिका निभाता है। प्रत्येक महिला में एस्ट्रोजन का स्तर अलग-अलग हो सकता है आज हम इस लेख में जानेंगे कि एस्ट्रोजन हार्मोन की भूमिका महिलाओं के शरीर में क्या है और एस्ट्रोजन का महिलाओं के शरीर में क्या महत्व होता है और एस्ट्रोजन की कमी या अधिकता से होने वाले परिवर्तन का असर महिला के शरीर पर किस प्रकार से दिखता है इन सब के बारे में हम आज चर्चा करने वाले हैं

एस्ट्रोजन हार्मोन की भूमिका महिलाओं के शरीर विकास में –(Role of estrogen in female development in hindi)

Estrogen hormone एस्ट्रोजन महिलाओं में प्रजनन और यौन विकास के लिए महत्वपूर्ण है इसलिए इसे फीमेल सेक्स हार्मोन कहा जाता है एस्ट्रोजन महिलाओं के शारीरिक बदलाव में मुख्य भूमिका निभाता है इसी वजह से इसे फीमेल डेवलपमेंट हार्मोन भी कहा जाता है

एस्ट्रोजन की वजह से महिलाओं में निम्न परिवर्तन देखे जाते हैं

लड़कियों के स्तनों का विकास होना

मासिक चक्र की शुरुआत होना

जननांगों में बालों की वृद्धि होना

विशेषज्ञों का मानना है कि एस्ट्रोजन ना केवल योन अंगों के विकास में सहायक होता है बल्कि इसका असर शरीर के अन्य भागों जैसा कि मेटाबॉलिज्म पर भी होता है यह हार्मोन गर्भावस्था के दौरान काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है

एस्ट्रोजन का उत्पादन – Estrogen production in hindi

महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का उत्पादन मुख्य रूप से अंडाशय मैं होता है इसके साथ ही साथ इसका उत्पादन एड्रिनल ग्लैंड द्वारा भी होता है तथा कुछ मात्रा में भूण और प्लेसेंटा द्वारा होता है

एस्ट्रोजन हार्मोन के फायदे – Benefits of Estrogen hormone in hindi

एस्ट्रोजन महिलाओं मैं मासिक धर्म को नियंत्रित करने का कार्य करता है यदि महिला के अंडे निषेचित नहीं होते तो एस्ट्रोजन के स्तर में तेजी से कमी आती है और मासिक धर्म शुरू हो जाता है

यदि महिला के अंडे निषेचित हो जाते हैं तो गर्भावस्था के दौरान एस्ट्रोजन ओवुलेशन को रोकने के लिए प्रोजेस्टेरोन जो कि एक अन्य हार्मोन है के साथ मिलकर काम करता है

गर्भावस्था के दौरान सर्विकल एस्ट्रोजन विशेष रूप से स्टेरॉयड हार्मोन पैदा करता है एस्ट्रोजन स्तनपान कराने और स्तनों में अन्य प्रकार के परिवर्तन के लिए आवश्यक होता है

एस्ट्रोजन विटामिन D कैल्शियम और अन्य हार्मोन के साथ प्रभावी ढंग से कार्य करता है जिसमें शरीर की प्राकृतिक प्रक्रियाओं और हड्डी के पुनर्निर्माण में सहायता प्राप्त होती है एस्ट्रोजन के स्तर में मध्यम आयु के साथ गिरावट शुरू हो जाती है और हड्डियों का निर्माण धीमा हो जाता है जिससे महिलाओं की हड्डियां कमजोर होने लगती है यही कारण है कि महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस से पीड़ित होने की संभावना पुरुषों की तुलना में 4 गुना अधिक होती है

एस्ट्रोजन शरीर में रक्त के थक्के बनने में मुख्य भूमिका निभाता है साथ ही साथ योनि की दीवार की मोटाई मूत्र मार्ग का स्तर योनि की चिकनाहट के साथ अन्य शारीरिक कार्यों के लिए मुख्य भूमिका निभाता है

एक जर्मन अध्ययन में पाया गया है कि जब किसी महिला में एस्ट्रोजन का स्तर ऊँचा होता है तो वह उम्र में छोटी दिखती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि एस्ट्रोजन कोलेजन के स्तर को बढ़ाकर त्वचा को मोटा करता है। इसके परिणामस्वरूप झुर्रियाँ कम होती हैं। जिससे वह महिला छोटी और अधिक आकर्षक दिखती है।

पुरुषों में भी एस्ट्रोजन हार्मोन महत्वपूर्ण होता है पुरुषों में एस्ट्रोजन अधिवृक्क ग्रंथि यों द्वारा और वृषण द्वारा स्त्रावित होता है पुरुषों में एस्ट्रोजन शुक्राणुओं की संख्या को प्रभावित करता है

इसके अलावा एस्ट्रोजन के निम्न फायदे भी हैं Benefits of Estrogen hormone in hindi

एस्ट्रोजन सेक्स ड्राइव को बढ़ाने का कार्य करता है

संक्रमण और सूजन से बचाता है

तनाव को कम करने का कार्य करता है

स्तन कैंसर जैसी खतरों से बचाता

हड्डियों को मजबूत बनाने का कार्य करता है

बालों और त्वचा को चमक प्रदान करने का कार्य करता है

हार्मोन एस्ट्रोजन के लिए परीक्षण – Estrogen hormone level tests in Hindi

एस्ट्रोजन एक खाली पेट पर एक महिला के रक्त में निर्धारित होता है। विश्लेषण से पहले सेक्स, व्यायाम और तनाव, शराब और धूम्रपान को बाहर रखा गया है इस विश्लेषण को ovulation के 7 दिनों के बाद (चक्र के 21-22 दिन) किया जाता है।

एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर महिलाओं और पुरुषों में – Estrogen hormone levels in women and men in hindi
प्रसव उम्र की महिलाओं में, एस्ट्रोजन का स्तर 13-191 पीजी (पिकोग्राम) / एमएल से अधिक नहीं होना चाहिए;

रजोनिवृत्ति की अवधि में महिलाओं में एस्ट्रोजेन का स्तर 11-95 पीजी / एमएल;

11 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में, उनका स्तर <15 pg / ml;

और पुरुषों में – 0-36 पीजी / एमएल

या इसे आप एसे भी समझ सकते है

20- 29 साल 149 पिकोग्राम

30- 39 साल 210 पिकोग्राम

40- 49 साल 152 पिकोग्राम

50- 59 साल 130 पिकोग्राम

शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन के स्तर में परिवर्तन – Changes in Estrogen hormone levels in hindi

एक महिला के शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन के स्तर में परिवर्तन अलग-अलग अवस्थाओं में कई बार हो सकता है उदाहरण के लिए एस्ट्रोजन का स्तर स्वाभाविक रूप से योवन के दौरान और गर्भावस्था के दौरान अधिक होता है साथी रजोनिवृत्ति के शुरुआती समय और मासिक धर्म बंद हो जाने तक चलता है इसके बाद एस्ट्रोजन हार्मोन में कमी आ जाती है

एस्ट्रोजन की कमी के लक्षण –

Low Estrogen hormone levels symptoms in Hindi

अचानक गर्मी लगना और रत में पसीना आना

सेक्स ड्राइव की हानि

योनि में सूखापन

Vaginal lubrication की कमी के कारण सेक्स के समय दर्द का अनुभव।

मूड में बदलाव

कोलेस्ट्रॉल के स्तर में बदलाव

अनियमित माहवारी

सिरदर्द या माइग्रेन

अवसाद और चिंता

संभोग के दौरान दर्द,

कामेच्छा में परिवर्तन

अनियमित रक्तस्राव

अनियमित दिल की धड़कन

योनि में संक्रमण या मूत्र पथ के संक्रमण

रजोनिवृत्ति

ऑस्टियोपोरोसिस विकसित होना

ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई आदि

महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर कम होने के मुख्य कारणों में अल्पविकसित जनन ग्रंथियां जिसमें अंडाशय का विकास कम होना और पॉलीसिस्टिक डिंबग्रंथि सिंड्रोम शामिल होता है इसके अलावा खाने में बसा की कमी महिलाओं में पर्याप्त मात्रा में एस्ट्रोजन उत्पादन को प्रभावित करती है साथ ही साथ अत्यधिक व्यायाम भी एस्ट्रोजन के स्तर में कमी का कारण हो सकता है

महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन लेवल का बढ़ना – High Estrogen hormone levels in Hindi

जैसा की हमने आपको बताया कि एस्ट्रोजन की लेवल में कमी और बढ़ोतरी महिला के शरीर में अलग-अलग अवस्थाओं में हो सकती है एस्ट्रोजन लेवल के अधिक होने पर भी कई प्रकार की समस्याएं और खतरा उत्पन्न हो सकते हैं जिसमें ब्रेस्ट कैंसर जैसी समस्याएं भी शामिल होती हैं आइए जानते हैं शरीर में एस्ट्रोजन लेवल बढ़ने के मुख्य लक्षण क्या हैं

शरीर में एस्ट्रोजन लेवल बढ़ने के लक्षण – High Estrogen hormone levels symptoms in Hindi

स्तनों के स्तर में वृद्धि और सूजन उत्पन्न

ब्लड प्रेशर में बढ़ोतरी

वजन बढ़ना

स्वभाव में बदलाव होना

पीरियड्स में अनियमितता

बालों का झड़ना

पेट का फूलना

थकान और कमजोरी

स्तन में गांठ का उत्पन्न होना

नींद ना आना

कामेच्छा में कमी

सिर दर्द और माइग्रेन जैसी समस्याएं आदि

एक महिला में एस्ट्रोजन हार्मोन को कैसे बढ़ाएं – Estrogen hormone kaise badhaye in Hindi

यदि आप दवाओं के इस्तेमाल के बिना आवश्यक महिला हार्मोन एस्ट्रोजन को बढ़ाना चाहते हैं तो आपको सही तरीके से खाने के तरीके के का पता होना चाहिए एस्ट्रोजन का स्तर विटामिन इ की कमी से प्रभावित होता है इसलिए आपको यह पता होना चाहिए कि आपके खाने में विटामिन E पर्याप्त मात्रा में शामिल हो एस्ट्रोजन का स्तर सोया बटर बींस मांस डेयरी उत्पाद टोफू गाजर फूलगोभी लाल अंगूर कद्दू कॉफी टमाटर बैगन बियर के उत्पादों से प्रभावित होता है इन चीजों का सेवन सही मात्रा में करने पर एस्ट्रोजन हार्मोन के स्तर को सही रखा जा सकता है

शरीर में एस्ट्रोजन की मात्रा को संतुलित बनाये रखने के लिए संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए। यहाँ हम कुछ चुनिंदा खाद्य पदार्थों के बारे में चर्चा करेंगे, जो आपको एस्ट्रोजन हार्मोन बढ़ाने के लिए मदद करेंगे।

एस्ट्रोजन हार्मोन युक्त सब्जियां और फलियां – Vegetables and legumes rich in Estrogen in hindi

अलसी के बीज – Flax seeds in hindi

अलसी का बीज एस्ट्रोजन लेवल बढ़ाने में काफी हद तक मददगार साबित होता है। इसका सेवन लिवर के लिए भी काफी अच्छा होता है। अलसी के बीज में स्वस्थ फैटी एसिड मौजूद होते हैं, जो दिल से सम्बन्धी समस्यों से आपको दूर रखते हैं। इसके अलावा अलसी में विटामिन बी 1, फाइबर और अन्य पोषक तत्व होते हैं, जो भरपूर विकास में मदद करते हैं।

सोया प्रॉडक्ट्स – soya product in hindi

सोयाबीन में फिटोएस्ट्रोजन प्रचुर मात्रा मे पाया जाता है। सोया प्रॉडक्ट्स जैसे सोया मिल्क, सोया दही, आदि के सेवन से शरीर में एस्ट्रोजन की मात्रा को बढ़ाया जा सकता है।

अखरोट – Walnut in hindi

अखरोट खाने के फायदे अनेक हैं। इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन, जरूरी विटामिन और अन्य पोषक तत्व होते हैं, जो अच्छे स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक होते हैं।

डेयरी प्रॉडक्ट्स – Dairy products in hindi

डेयरी प्रॉडक्ट्स जैसे- दूध, दही, घी, मक्खन इत्यादि मानव शरीर के लिए काफी अच्छा माना जाता है। चूंकि दूध में फिटोएस्ट्रोजन की उच्च मात्रा होती है, इसलिए ये एस्ट्रोजन लेवल बढ़ाने में मदद करता है।

तिल के बीज – Sesame seeds in hindi

तिल एस्ट्रोजन का अच्छा स्त्रोत है। 100 ग्राम तिल के बीजों में 993 माइक्रोग्राम एस्ट्रोजन के होते हैं। तिल के तेल में भी एस्ट्रोजन की उच्च मात्रा होती है।

बीन्स और मटर – Beans and peas in hindi

बीन्स और मटर में भी फाइटोएस्ट्रोजन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। ये स्वास्थ्य के लिए बेहतरीन आहार हैं।

एस्ट्रोजन हार्मोन के लिए दवाएं – Medications with estrogen in hindi

Estrogen hormone एस्ट्रोजन सबसे ज्यादा मौखिक गर्भनिरोधक गोलियों में पाया जाता है एस्ट्रोजन गर्भावस्था के दौरान ओव्यूलेशन को रोकने में मदद करता है इसलिए गर्भनिरोधक गोलियों में एस्ट्रोजन के स्तर को बढ़ाकर ओव्यूलेशन को रोकने के लिएइस हार्मोन का इस्तेमाल किया जाता है

एस्ट्रोजन की वास्तविक मात्रा रोग की गंभीरता और डोज़ देने की विधि पर निर्भर करती है। एस्ट्रोजन निम्न प्रकार से शरीर में पहुंचाया जा सकता है:

मुंह से (Orally)

स्थानिक (Topically)

योनि द्वारा (Vaginally)

इंजेक्शन के माध्यम से

योनि एस्ट्रोजन क्रीम का इस्तेमाल –

कुछ महिलाओं योनि एस्ट्रोजन क्रीम के इस्तेमाल से सबसे ज्यादा फायदा होता है. योनि एस्ट्रोजन क्रीम योनि के माध्यम से खून में अवशोषित हो जाती हैं, और आम तौर पर मौखिक एस्ट्रोजन दवाओं से कम दुष्प्रभाव के साथ उपलब्ध हैं. ये क्रीम केवल डॉक्टर के पर्चे के साथ उपलब्ध हैं. योनि एस्ट्रोजन क्रीम का उपयोग अपने चिकित्सक के पर्यवेक्षण के अंतर्गत होना चाहिए.

Vaginal estrogen cream योनि एस्ट्रोजन क्रीम का उपयोग निम्न लक्षण में हो सकता है:

योनि सूखापन और खुजली से पीड़ित होने पर vulvar खुजली, या लालिमा

आप दर्द का अनुभव करती है जब पेशाब करती है

मूत्र पथ संक्रमण है, या बार-बार पेशाब आने की समस्या

संभोग करते समय दर्द जैसी समस्या से बचने में

कुछ मामलों में, एस्ट्रोजन स्तर सामान्य होने पर भी लंबे समय तक उपचार की आवश्यकता होती है। एस्ट्रोजन थेरेपी रजोनिवृत्ति के लक्षणों की गंभीरता और फ्रैक्चर के जोखिम को कम कर सकती है।

हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी – Hormone replacement therapy (HRT)

इस तरह के इलाज का उपयोग रजोनिवृत्ति के लक्षणों को कम करने के लिए किया जाता है 25 से 50 वर्ष की उम्र वाली महिलाओं में एस्ट्रोजन का स्तर कम होने पर उनके लिए एस्ट्रोजन की उच्च मात्रा को बनाए रखने के लिए इस प्रकार की थेरेपी अत्यधिक लोकप्रिय है

यह हड्डियों में होने वाले नुकसान ह्रदय रोग और अन्य हार्मोनल असंतुलन के जोखिम को कम करती है

इस थेरेपी को मुख्य रूप से महिलाओं में एस्ट्रोजन की कमी के कारण योनि में सूखापन, योनि की दीवार का पतला होना और postmenopausal समस्याओं का इलाज करने के लिए प्रयोग किया जाता है

एस्ट्रोजन हार्मोन के साइड इफेक्ट – Estrogen hormone side effect in hindi

जहां एस्ट्रोजन के बहुत अधिक फायदे हैं वहीं इसके कुछ नुकसान भी होते हैं उदाहरण के तौर पर एस्ट्रोजन के स्तर में वृद्धि चोट के खतरे को बढ़ा सकता है

स्तन कैंसर से संबंधित अध्ययन में पता चला है कि स्तन कैंसर एस्ट्रोजन के प्रति संवेदनशील पाया गया है

जिसका अर्थ है कि एस्ट्रोजन ट्यूमर के विकास को बढ़ा देता है जिसमें मुख्य एस्ट्रोजन कैंसर हार्मोन रिसेप्टर पॉजिटिव स्तन कैंसर कहा जाता है

इस कैंसर उपचार के साथ लोगों को एस्ट्रोजन के कम स्तर या एस्ट्रोजन उत्पादन को ब्लॉक करने के लिए सर्जरी के बाद कैंसर को रोकने या कैंसर के विकास को धीमा करने में मदद के रूप में इस्तेमाल किया जाता है

इसके साथ-साथ महिलाओं में एस्ट्रोजन के स्तर में कमी होने पर बांझपन का कारण भी बन सकता है

हड्डियों के विकास मैं भी एस्ट्रोजन हार्मोन की मुख्य भूमिका होती है एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी हड्डियों के विकास को प्रभावित करता है जिससे ऑस्टियोपोरोसिस नामक बीमारी उत्पन्न होती है

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here