अगर कान के दर्द से रहतें है परेशान

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सर्दियों के दिन चल रहे हैं और ऐसे समय में कान में दर्द उठना वैसे तो एक सामान्य समस्या हैं। जो कि तेज आवाज में गाने सुनना, कीड़ा चले जाना, अधिक मेल जमना आदि के कारण हो सकता हैं। लेकिन अगर लम्बे समय तक इसका इलाज न किया जाए तो व्यक्ति सुनने की क्षमता खो सकता हैं। कान में दर्द होने पर व्यक्ति की रातों की नींद उड़ जाती हैं और वह पूरी रात सो नहीं पाता। इसलिए इस कान के दर्द से निजात पाने के लिए आज हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ घरेलू उपाय। तो आइये जानते हैं उन उपायों के बारे में।

* कान में दर्द का इलाज के लिए सबसे आसान उपाय सरसों का तेल गर्म करके, हल्का गर्म बूंद-बूंदकर कान में डालना होता है। लहसुन को इस तेल में जलाकर उस तेल की छानकर बूंद-बूंद से तुरंत दर्द बंद हो जायेगा।

* अदरक का रस 5 ग्राम, शहद 5 ग्राम, सेंधा नमक 5 ग्राम को तिल के 10 ग्राम तेल में मिलाकर 25 मि।ली पानी के साथ आग पर गर्म करें। पानी के ठंडे हो जाने पर उस तेल की बूंद-बूंद कान में डालने से कानदर्द ठीक होती है।

* मुलहठी कान दर्द में उपयोगी है। इसे घी में भूनें। बारीक पीसकर पेस्ट बनाएं। इसे कान के बाह्य भाग में लगाएं। कुछ ही मिनिट में दर्द समाप्त होगा।

* कान के दर्द में लहसुन के रस या उसकी कलियों को तिल के तेल में देर तक पकायें। जब रस जलकर खत्म हो जाये तो तेल को छानकर, हल्का गर्म करके कान में बूंद-बूंद डालने से सर्दी से पैदा होने वाले कान का दर्द दूर हो जाता है।

* लहसुन की 2 कलियां, नीम के 10 नये मुलायम पत्ते और 4 निंबौली को एक साथ पीसकर सरसों के तेल में डालकर अच्छी तरह से पका लें। पकने के बाद इस तेल को छानकर किसी शीशी में भर लें। इस तेल को कान में डालने से कान का जख्म, कान से मवाद बहना, कान में फुंसी होना या बहरेपन का रोग दूर हो जाता है।

* प्याज का रस निकाल लें, अब रुई के फाये को इस रस में डुबोकर इसे कान के उपर निचोड़ दें, इससे कान में उत्पन्न सूजन, दर्द, एवं संक्रमण को कम करने में मदद मिलती है।

* पांच ग्राम मैथी के बीज को एक बडा चम्मच तिल के तेल में गरम करें। फिर इसे छानकर शीशी में भर लें। अब इसे 2 बूंद दूध के साथ कान में टपकादें। कान पीप का यह बहुत ही कारगार इलाज माना जाता है।

* नीम के पत्तों को पानी में डालकर उबाल लें। पानी को काफी उबालने के बाद इसमें से जो भाप (धुआं) निकलता है उसे कान में लेने से मैल ढीला होकर निकल जाता है कान साफ हो जाता है तथा कान का दर्द और घाव ठीक हो जाता है।

* दर्द वाले कान में हायड्रोजन पेराक्साइड की कुछ बूंदे डालें। इससे कान में जमा मैल( WAX) नरम होकर बाहर निकल जाता है। अगर कान में कोइ संक्रमण होगा तो भी यह उपचार उपकारी रहेगा। हायड्रोजन में उपस्थित आक्सीजन जीवाणुनाशक होती है।

* हींग, सोंठ और तुबरू प्रत्येक 50-50 ग्राम लेकर 300 ग्राम सरसों के तेल में पकाएं। इस तेल को छानकर बूंद-बूंद इस्तेमाल करने से कान में दर्द ठीक होता है।

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